Monday, 8 April 2019

फ़ागुन


बसन्त की बयार हो।
 फ़ागुन की फुहार हो।
हवाओँ में सर्दी का आलम हो।

नरम धूप में हल्की सी गरमी हो।
ये बसन्त का मौसम अति प्यारा।
युवतियों की मस्ती से दिल भरा पूरा।
नयनों की अठखेलियां हो
कुँजन की गलियों में।
प्रभा की मुस्कान हो प्रातः की रंगरलियों में।
आओ कृष्ण संग होली खेले
मिलकर सखियां सारी।
होली की मस्ती में फ़ाग 
गाये हम  गीत और धमाल।
बजाये कोई ये चंग,
पुलकित हो सारे अंग।
खिल उठे सखियों के चेहरे
गुलाबी आभा से पूरित अयन।
सुन्दर कपोलों पर लगाये गुलाल।
लाजकी लालिमा हुए सुर्ख और लाल।
मधुमास में प्रफुल्लित हुए मन और अँग।
आतुर है  होली खेलन  को प्रिय संग।
 प्रेम की पिचकारी  मोहन के ऊपर डारि।
प्रेम रंग में रंग दियो सब सखियों ने मोहे।
आज कान्हा आतुर है राधा संग होरी खेलन को।basant holi pics के लिए इमेज परिणाम
Krishan

बसन्त का आगमन


वसुधा के आंगन में
बसन्त का आगमन कैसे।
पुष्पों के रंगों में
भर दी हो मुस्कराहट जैसे।
धरा की सौंधी गन्ध का प्रसारण किसी ओर।
महकती कलियों की खुशबु छायी चहुँ ओर।
पिक ने पुकारा प्रिया को इस ओर।
कोयल भी कूकने लगी कुँजन में किसी ओर।
भोर की आभा में प्रभा यू मुस्कराने लगी।
मानो प्रियवर को पाकर यू खिलखिलाने लगी।


रवि रश्मियों के रथ पर होकर सवार।
उषा ने भी किया गगन की ओर प्रयाण।
आजाओ प्रिया इस महकते उपवन में।
फागुन के रास रंग में हो जाये सराबोर।।